अलग है संसार हमारा
भावनाओं का व्यापर है ।।
एक के पीछे कुछ शुन्य लगा दो
हर क्रीडा करने को तैयार है
रूपया है भगवान् हमारा
डॉलर Jesus Christ है
कौन मित्र और कौन शत्रु
सब नोटों की fight है
गहन विषय पर चर्चा कर बोले
देश की अवगति स्वीकार नहीं
किन्तु कार्य करने को
बंधू A /C बिना तैयार नहीं
सबके सामने बोले भैया नारी हत्या पाप है
ज़रा मुखोटा हटा के देखो ये काम देव के बाप है
मरने मारने मई सब मग्न
जीने की नियत कहा है
हमारे विश्व के लिए हम पर्यत
प्रलय की ज़रूरत कहा है